Political Trends


 13, Jan 2022 05:32 AM     129

2022 assembly elections

नया साल 2022 चुनावी लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि इस साल भारत में कुल 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं जिनमें उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और जम्मू कश्मीर शामिल हैं।

 

इन चुनावों के कुल सीटों की बात करें तो साल 2022 में देश के विभिन्न राज्यों के कुल 1 हजार 29 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने जो देशभर के कुल विधानसभा सीटों का 25% है।

 

विभिन्न राज्यों के 2022 विधानसभा चुनावों में जमीनी स्तर के चुनाव प्रचार के साथ साथ Digital एवं Social Media Advertisement  भी काफी अहम रहेगी। कोरोना के नए वैरिएन्ट ओमीक्रोन ने देशभर को अपनी चपेट में ले लिया है और हालात कमोबेश वैसे ही बनते जा रहे हैं जैसे कोरोना महामारी के पहले और दूसरे लहर में बने थे।

 

हालांकि इस बार के ओमीक्रोन वैरिएन्ट को उतना घातक नहीं बताया जा रहा है लेकिन सरकारी गाइडलाइन और पाबंदियों में जरा भी ढील बड़ा नुकसान साबित हो सकती है।

ऐसे में जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार और बड़ी बड़ी जनसभाओं के बजाए राजनीतिक दल  Social media और Digital Election Campaign को ओर रुक कर रहे हैं।

 

Digital और Social Media चुनाव प्रचार के एक अहम पहलू की बात करें तो ये तथ्य के रूप में भी सभी के सामने है कि अगर चुनाव के लिए जमीनी स्तर पर एक एक लोगों को जोड़ा जाए तो यह काफी खर्चीला होता है साथ ही इस काम में समय की भी ज्यादा दरकार होती है लेकिन वहीं अगर इस काम को Digital Agency और Social Media के जरिए किया जाए तो इसमें लागत के साथ समय की भी काफी बचत होती है।

इन्हीं वजहों से आज कालचक्र इस ओर मुड़ा है जहां डिजिटल माध्यमों के प्रति राजनीतिक रुझान ज्यादा देखा जा रहा है।

 

अब बात करें 2022 विधानसभा चुनावों की तो गोवा में 40, मणिपुर में 60, पंजाब में 117, उत्तर प्रदेश में 403,उत्तराखंड में 70, हिमाचल प्रदेश में 68, गुजरात में 182 और जम्मू कश्मीर में 89 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं जिनपर सोशल मीडिया का काफी प्रभुत्व देखने को मिलेगा।

 

2022 का पहला विधानसभा चुनाव उत्तरप्रदेश में सबसे पहले फरवरी से मार्च महीने के बीच आयोजित होंगे जिसे लेकर डिजिटल और सोशल मीडिया चुनावी प्रचार की तैयारियां काफी जोरों पर हैं।

जहां एक ओर उत्तरप्रदेश में कॉंग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में ''लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ'' नारा एवं अन्य विभिन्न कैम्पेन के जरिए डिजिटल और सोशल मीडिया तरीकों से जनता को साधने में लगी हैं तो वहीं भाजपा भी ''फर्क साफ है'' जैसे नारे के साथ अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है।

पंजाब और अन्य राज्यों में भी Digital Election Campaign जोरों पर है जिसके जरिए सभी राजनीतिक दल सत्ता पाने की संघर्ष में एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

 

पंजाब चुनाव प्रचार में इस बार कार्टूनों के जरिए चुनाव को दीचस्प बनाने की तैयारी चल रही है। लगभग सभी पार्टियां कार्टून के माध्यम से विरोधी पार्टियों पर जोरदार निशाने साध रही है।

इन कार्टूनों को पार्टी Whatsapp, Twitter और Facebook के माध्यम से लोगों तक पहुंचाती है। इस बार पार्टियों ने चुनाव प्रचार टीम में खास तौर पर कार्टूनिस्टों को शामिल किया है, जो सुबह होते ही अपने कार्टून को Social Media में अपलोड कर देते हैं।

इन कार्टूनों को सोशल मीडिया के जरिए वायरल किया जा रहा है जिससे वोटरों के बीच एक राय बन रही है कि चुनावी माहौल को किस ओर मोड़ना है साथ ही राज्य के सत्ता की शक्ल को कैसा रूप देना है।

 

निश्चित तौर पर ये आगामी चुनाव 2022 में Social Media और Digital Election Campaign और सोशल मीडिया के महत्व को मजबूती प्रदान करेंगे जिससे आगामी दशकों के चुनाव में भी सोशल मीडिया और दीहितल चुनाव प्रचार एक बेहतर विकल्प बनकर अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाए रखेंगे।

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