Political Trends


 06, Jan 2022 06:19 AM     230

Importance of social media in elections

मौजूदा दौर में भारत सहित पूरा विश्व Social Media एवं Digital क्रान्ति की चरम पर है. एक क्लिक के साथ करोड़ों लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है. देश के हालात चाहे कैसे भी हों सोशल मीडिया के जरिए लोगों से जुड़ाव बरकरार रखने में कोई बाधा नहीं आ रही. 

साल 2020 में कोरोना महामारी ने पुरे विश्व की कमर तोड़ दी. इस महामारी ने भारत पर भी बहुत बुरा असर डाला. लगभग 6 महीने में अर्थव्यवस्था से लेकर तमाम व्यवसायों को बड़ा अघात पहुंचा. भारत में कोरोना संक्रमण के कमजोर पड़ते ही बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी गई. 

ऐसे हालात में उस वक्त ये बड़ा सवाल था कि संक्रमण के खतरे और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के बीच इतने बड़े स्तर पर चुनाव कैसे संपन्न कराये जाएँगे?

सबसे महत्वपूर्ण चिंता का विषय ये था कि चुनाव प्रचार कैसे किया जाए. पूर्व में हुए चुनावों में बड़ी बड़ी रैलियां, नेताओं के संबोधन, घर घर जाकर जनता के साथ संवाद स्थापित करना लोकतंत्र के महापर्व यानी चुनाव की विशेषता रही थी, लिहाजा नेताओं एवं राजनीतिक दलों के लिए ये एक चिंता का विषय था. चुनाव आयोग ने भी यह साफ़ निर्देश दे दिया था कि चुनावी प्रचार के दौरान भीड़ इकठ्ठा नहीं किए जाएँगे और कड़ाई के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा.

सोशल मीडिया और Digital Campaign इन समस्याओं का व्यापक समाधान बनकर उभरा. सभी राजनीतिक दलों ने बड़ी रैलियों को Digital Rally में तब्दील कर दिया. 

7 सितम्बर 2020 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू ने अपनी पहली Digital Rally "निश्चय संवाद" को संबोधित किया जिसमें करीब 25 लाख लोगों के जुड़ने का दावा किया गया. 

इसी की तर्ज पर भाजपा बिहार ने अपने "कमल कनेक्ट" App के जरिए करीबन 2 लाख लोगों को जोड़ा और कई डिजिटल जनसभाएं भी आयोजित की गयीं, इस दौरान बिहार में भाजपा ने 75 हज़ार whatsapp ग्रुप के जरिए जनता से जुड़ने का काम किया.

2020 में कोरोना प्रोटोकॉल में संपन्न हुए चुनाव से पहले  को जमीनी राजनीति के मुकाबले एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था लेकिन कोरोना महामारी ने चुनावों में इसे एकमात्र विकल्प के रूप में विकसित किया.

मौजूदा दौर में चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रचार एक अहम किरदार निभा रहा है. 

Facebook पेज, whatsapp ग्रुप, Twitter हैंडल, Instagram पोस्ट ने परंपरागत राजनीतिक चुनाव प्रचार के समकक्ष एक रेखा खींच दी है. 

Political Campaign Agencies ने इस क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य करते हुए सोशल मीडिया को नए आयाम पर पहुँचाया है. 

चुनाव में नेताओं का एकमात्र लक्ष्य होता है और वो है जनता से सीधा संवाद जिसे सोशल मीडिया बेहतर ढंग से पूरा करता है और जन जन तक नेताओं की आवाज एवं उनके द्वारा किए गये कामों को पहुंचाता है.

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